Google AdSense Approval 2026: Indian Websites में होने वाली 7 Common Mistakes

Google AdSense Approval आज भी भारत में ब्लॉगर्स, वेबसाइट मालिकों और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए सबसे लोकप्रिय तरीका है। लाखों भारतीय वेबसाइट्स AdSense से कमाई कर रही हैं। हालांकि, 2026 में Approval पाना पहले की तरह आसान नहीं है। Google की नीतियां सख्त हो गई हैं, खासकर नए वेबसाइट्स और भारतीय यूजर्स के लिए।

“Policy violation” जैसी अस्वीकृति के कारण आजकल बहुत आम हो गए हैं। ज़्यादातर मामलों में समस्या Google की सख़्ती नहीं होती, बल्कि वेबसाइटों पर की गई छोटी-छोटी लेकिन महत्वपूर्ण गलतियाँ होती हैं। खासकर भारतीय वेबसाइटों में AdSense के लिए आवेदन करते समय कुछ सामान्य गलतियाँ अक्सर होती हैं। निम्न गुणवत्ता वाला सामग्री, कॉपी की गई या बिना संपादित किया गया AI सामग्री, खराब डिज़ाइन, जरूरी पृष्ठों की कमी और फर्जी ट्रैफ़िक जैसी गलतियाँ सबसे ज़्यादा देखी जाती हैं। इन कारणों से लगभग 70 से 80% AdSense आवेदन अस्वीकृत हो जाते हैं। अगर इन बुनियादी मुद्दों को समय पर ठीक कर लिया जाए, तो स्वीकृति मिलने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

Google AdSense Approval 2026 क्यों मुश्किल हो गया है?

2026 में Google का पूरा फोकस user experience, high quality content, policy compliance और genuine traffic पर है। अब सिर्फ ज्यादा पोस्ट डालना या keyword भरना काफी नहीं है। वेबसाइट तेज़ होनी चाहिए, मोबाइल friendly होनी चाहिए और यूज़र को सही, भरोसेमंद व काम की जानकारी देनी चाहिए। कंटेंट original, useful और अच्छी तरह explain किया हुआ होना चाहिए। Google policies का पालन करना बहुत ज़रूरी है, जैसे सही privacy policy, copyright free content और misleading चीज़ों से दूरी। साथ ही traffic real users से आना चाहिए, न कि bots या paid/fake तरीकों से। जो वेबसाइट यूज़र की मदद करती है, वही 2026 में grow करेगी।

Google AdSense Approval 2026

1. AI Generated कंटेंट का उपयोग (Low Value Content)

आज कई भारतीय वेबसाइटों पर कंटेंट की सबसे बड़ी समस्या है कम मूल्य वाला कंटेंट। ज्यादातर वेबसाइटों पर केवल 300 से 400 शब्दों के छोटे लेख प्रकाशित होते हैं। इनमें न तो सही शोध होता है और न ही उपयोगकर्ता के सवालों का पूरा जवाब दिया जाता है। कई लोग AI से कंटेंट जनरेट करके बिना संपादित किए सीधे प्रकाशित कर देते हैं। इससे कंटेंट सामान्य और दोहराव वाला हो जाता है। Google ऐसे कंटेंट को उपयोगकर्ताओं के लिए फायदेमंद नहीं मानता। जब कंटेंट में मौलिकता, गहराई और मानव स्पर्श नहीं होता, तो Google उसे कम मूल्य वाले कंटेंट में डाल देता है। इससे AdSense स्वीकृति और रैंकिंग दोनों पर नकारात्मक असर पड़ता है।

Solution

Low value content से बचने के लिए हर article को सटीक ढंग से लिखना जरूरी है। सबसे पहले एक स्पष्ट introduction दें, जिससे reader को समझ आ सके कि article किस बारे में है। उसके बाद एक detailed explanation लिखें और topic को सरल भाषा में समझाएँ। जहाँ संभव हो, वहाँ examples शामिल करें, जिससे बात और स्पष्ट हो सके। अंत में एक मजबूत conclusion लिखें जो पूरे content का सारांश दे। अगर AI content का इस्तेमाल करते हैं, तो उसे जरूर edit करें और अपने शब्दों और मानव स्पर्श को जोड़ें। तभी content valuable माना जाएगा।

2. Copyright / Copied Content

India की कई websites की सबसे बड़ी गलती है कि वे original content बनाने के बजाय shortcuts अपनाती हैं। दूसरे blogs से content कॉपी करना, YouTube videos की description से text उठाना, या news websites से content को थोड़ा बदलकर publish करना बहुत आम हो गया है। लेकिन Google ऐसे content को बिलकुल पसंद नहीं करता। चाहे wording बदल दी हो, idea वही रहने पर Google इसे duplicate या policy violation मानता है। इस तरह का content users के लिए नई value नहीं देता, इसलिए इसे low value content की category में डाल दिया जाता है। ऐसी गलती AdSense rejection और website ranking गिरने का सबसे बड़ा कारण बनती है।

Solution

Low value content से बचने के लिए हमेशा 100% original content लिखना चाहिए। किसी भी topic को अपने शब्दों में समझाएँ और सिर्फ जानकारी कॉपी न करें। अगर किसी article, blog या website से संदर्भ लेते हैं, तो उसे कॉपी पेस्ट करके न लिखें। इसके बजाय, उस जानकारी पर अपना विश्लेषण, अनुभव और समझ जोड़ें। जब content में आपका personal touch, साफ़ समझाने का तरीका और अलग सोच दिखाई देती है, तब Google उसे भरोसेमंद और valuable मानता है, जिससे वेबसाइट की overall quality बेहतर हो जाती है।

3. Important Pages का न होना

बहुत सी भारतीय वेबसाइटों, खासकर छोटी ब्लॉग्स, न्यूज पोर्टल्स, एफिलिएट साइट्स और कम गुणवत्ता वाले प्लेटफॉर्म, में प्राइवेसी पॉलिसी नहीं होती। About Us पेज अधूरा होता है या सिर्फ 2 से 3 लाइन का होता है। Contact Us फॉर्म ठीक से काम नहीं करता। ईमेल या नंबर फेक या डेड होते हैं। Disclaimer पूरी तरह गायब रहता है। यह प्रथा मुख्य रूप से साइट को तेजी से चलाने, SEO ट्रैफिक बढ़ाने या विज्ञापन राजस्व के लिए होती है। इसके कारण यूजर्स की प्राइवेसी खतरे में पड़ती है और कानूनी अनुपालन, जैसे DPDP Act, की कमी नजर आती है।

Solution

Google यह सुनिश्चित करना चाहता है कि वेबसाइट को कोई असली व्यक्ति या टीम चला रही हो और यूजर्स का डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। इसलिए वेबसाइट पर पारदर्शिता होना बहुत जरूरी है। प्राइवेसी पॉलिसी से यूजर डेटा की सुरक्षा स्पष्ट होती है, About Us से वेबसाइट का उद्देश्य समझ में आता है और Contact Us से विश्वास बनता है। Disclaimer और Terms & Conditions जैसी पेज वेबसाइट को कानूनी रूप से मजबूत बनाती हैं। इन जरूरी पेजों के बिना, Google वेबसाइट को विश्वसनीय नहीं मानता और इसे कम मूल्य वाले कंटेंट या कमजोर साइट समझकर AdSense की स्वीकृति रोक सकता है।

4. Website design और navigation खराब होना

कई websites पर free theme का इस्तेमाल होता है, लेकिन design इतना अव्यवस्थित होता है कि user भ्रमित हो जाता है। जरूरत से ज़्यादा popups user experience को खराब करते हैं। कई बार mobile में site सही से नहीं खुलती या menu और links टूटे होते हैं। ऐसी समस्याओं के कारण visitors जल्दी site छोड़ देते हैं। Google इसे खराब user experience मानता है और website को कम कीमत पर समझकर ranking और AdSense approval दोनों पर नकारात्मक असर डालता है।

Solution

Low value content और खराब उपयोगकर्ता अनुभव से बचने के लिए mobile responsive theme का इस्तेमाल जरूरी है। Website का design साफ, तेज और सरल होना चाहिए ताकि pages जल्दी load हों। Navigation को आसान रखें और किसी भी तरह के fake buttons या misleading links न डालें। इससे user का भरोसा बढ़ता है और Google website को reliable और high quality मानता है।

5. Traffic बहुत कम या Fake Traffic

नई websites पर अक्सर बहुत कम traffic होता है, जैसे रोज़ के सिर्फ 5 से 10 visitors, और कई बार social traffic भी नहीं मिलता। कुछ लोग जल्दी growth के लिए bot traffic या paid traffic का सहारा लेते हैं, लेकिन Google ऐसे fake traffic को तुरंत पहचान लेता है. जब website पर real users की engagement नहीं होती, तो Google उसे low quality मान लेता है, और AdSense approval या ranking पर नकारात्मक असर पड़ता है.

Minimum Traffic कितना होना चाहिए?

कोई सही संख्या तय नहीं है, लेकिन 30 से 50 असली आमदनी वाले Visitors रोज़, अच्छा engagement और कम bounce rate होना ज़रूरी है।

Solution

Low value content से बचने के लिए SEO optimized articles लिखना जरूरी है। Website को Google Search Console से सही तरीके से जोड़ना चाहिए। Content को social media पर शेयर करें और WhatsApp व Telegram पर audience बनाएं। इससे genuine traffic मिलता है, user engagement बढ़ता है और Google को website की credibility और quality स्पष्ट दिखाई देती है।

6. Website Age और Content Consistency

अगर डोमेन नया है, सिर्फ 10 से 15 दिन पुराना है, उस पर केवल 5 से 6 पोस्ट हैं और आखिरी पोस्ट एक महीने पहले डाली गई है, तो Google उस वेबसाइट पर जल्दी भरोसा नहीं करता। भरोसा बनने में समय लगता है, नियमित पोस्टिंग और लगातार अच्छी सामग्री की जरूरत होती है, तब वेबसाइट विश्वसनीय मानी जाती है।

Recommended

Low value content से बचने और Google का भरोसा बनाने के लिए website की age कम से कम 30 से 45 दिन होनी चाहिए. इस दौरान 20 से 25 high quality articles publish करें, जो user के सवालों का पूरा जवाब दें. Posting regular रखें, जैसे हफ्ते में 1 से 2 articles. Consistency और quality से Google को signal मिलता है कि website genuine है और long-term value देने के लिए बनाई गई है.

7. AdSense Policy Violation Content

कई भारतीय वेबसाइटों पर कुछ आम समस्याएं हैं, जैसे कि पायरेसी सामग्री, मूवी या एपीके डाउनलोड लिंक, वयस्क कीवर्ड और भ्रामक क्लिकबैट टायटल। ऐसे कंटेंट से यूजर का भरोसा टूटता है और यह गूगल की नीतियों का सीधा उल्लंघन है। गूगल ऐसी वेबसाइटों को कम मूल्यवान और जोखिम भरा मानता है। इससे एडसेंस स्वीकृति, रैंकिंग और लंबी अवधि की वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

Disallowed Content Examples:

Mod APK, cracked software, illegal downloads और adult या gambling content सीधे तौर पर Google की policies का उल्लंघन करते हैं। ऐसी websites users के लिए unsafe मानी जाती हैं। Google इन्हें low value content समझता है, जिसके कारण AdSense approval नहीं मिलता और website की ranking भी काफी नीचे चली जाती है।

Solution

Google AdSense approval पाने के लिए सबसे पहले AdSense policy को ध्यान से पढ़ना और समझना ज़रूरी है. Unsafe या policy violating topics से दूर रहना चाहिए. Tech, Education, News, How to guides और AI tools जैसे safe niches पर content बनाने से risk कम होता है. इन topics में सही, मददगार और original information दी जाती है. इससे Google website को low value content नहीं मानता और approval मिलने की संभावना बढ़ती है.

Google AdSense Approval Checklist 2026 (India)

Google AdSense के लिए आवेदन करने से पहले वेबसाइट की गुणवत्ता को अच्छी तरह से जांचना बहुत जरूरी है। वेबसाइट पर कम से कम 20 या उससे ज्यादा मौलिक लेख होने चाहिए, और हर लेख 1000 से अधिक शब्दों में उपयोगकर्ता के सवालों का सही जवाब देना चाहिए। वेबसाइट पर प्राइवेसी पॉलिसी, अबाउट अस, और कांटेक्ट अस जैसे जरूरी पेज होना चाहिए। साइट मोबाइल फ्रेंडली और तेज होनी चाहिए। किसी भी प्रकार का कॉपीराइट या नीति का उल्लंघन करने वाला सामग्री नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, वेबसाइट पर असली ऑर्गेनिक ट्रैफिक होना जरूरी है, ताकि Google इसे कम मूल्य वाली सामग्री न समझे।

AdSense Apply करने का सही समय

Google AdSense के लिए आवेदन करते समय जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. पहले यह सुनिश्चित करें कि आपकी वेबसाइट पूरी तरह से तैयार है और गुणवत्ता के मानकों को पूरा करती है. सबसे अच्छा समय तब होता है जब वेबसाइट की उम्र 1.5 से 2 महीने हो और सामग्री परिपक्व, विस्तृत और उपयोगकर्ता के अनुकूल हो. इससे Google को भरोसा मिलता है और वेबसाइट कम मूल्य वाली सामग्री की श्रेणी से बाहर रहती है.

Conclusion

2026 में Google AdSense की मंजूरी पाना मुश्किल हो गया है, लेकिन यह नामुमकिन नहीं है। ज़्यादातर भारतीय ब्लॉगर्स की वेबसाइटें इसलिए अस्वीकृत होती हैं क्योंकि वे कुछ मौलिक गलतियाँ करती हैं, जैसे कम मूल्य वाला सामग्री, खराब डिजाइन और नीति उल्लंघन। अगर हम सही तरीके से गुणवत्ता वाली सामग्री, पारदर्शिता और उपयोगकर्ता अनुभव पर ध्यान दें, तो हमें AdSense की मंजूरी आसानी से मिल सकती है।

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